पिछले 12 महीनों में क्या हुआ?
भारतीय बाजार में सोना 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, वहीं चांदी एक दिन में भारी उछाल के साथ 2,65,000 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
चांदी की मांग क्यों बढ़ी?
2025 में चांदी को “ग्रीन मेटल” माना जाने लगा। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और बैटरियों में इसके इस्तेमाल से इसकी औद्योगिक मांग तेजी से बढ़ी, लेकिन सप्लाई सीमित रही। कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए भारी मात्रा में सोना खरीदा। इससे कीमतों को और सहारा मिला।
2026 में तेजी की वजह
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, डॉलर की कमजोरी और वैश्विक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोना-चांदी चुन रहे हैं। जब तक अनिश्चितता बनी रहेगी, सोना और चांदी निवेशकों के पसंदीदा बने रह सकते हैं।
